मंगलवार, 15 सितंबर 2020

तनाव से बाहर निकलने 8 टिप्स

आज कल आये दिन हम Newspaper में लोगो की आत्महत्या के बारे में बढ़ते है। यह बहुत ही Serious Problem है Depression यह एक मानसिक समस्या हैं।

कई लोग सामान्य बर्ताव नहीं करते और धीरे धीरे अपना मानसिक संतुलन भी खो देते हैं। Depression ज्यादा हो तो कई बार लोग आत्महत्या जैसे रास्तें को चुनते है इसीलिए Depression Treatment करना हमारा सबसे पहला काम है।


Depression की कई वजह हो सकती है हर किसी की समस्या अलग अलग हो सकती हैं लेकिन उनके लक्षण लगभग एक जैसे ही होते हैं। जैसे नींद न आना, हर बार चिडचिडा या क्रोध में रहना, हर बार अपने खुद को बदनसीब कहना और जल्द ही भावुक हो जाना।

अगर आपके आसपास के किसी भी व्यक्ति में ऐसे लक्षण दिखाई दे तो हमनें यहाँ पर तनाव से बाहर निकलने कुछ टिप्स – Depression Treatment बताये हैं। जिन्हें पढ़कर आप उस व्यक्ति की मदद कर सकते हैं।

• 1-क्वालिटी टाइम:
परिवार और दोस्तों के साथ क्वालिटी टाइम बिताना, यह डिप्रेशन से लड़ने के लिए बेस्ट मेडिसिन है।


कभी कभी आप अपने परिवार के साथ कही बाहर अपने काम से ब्रेक लेके हॉलिडे भी जा सकते हैं Nature के साथ रहने से आपके मन में आनेवाले दुखी विचार और feelings शांत हो जाएँगी। इससे आपका मन हल्का हो जायेगा।

  • 2-खुद के बारे में सोचो

हम खुद से ज्यादा तो दूसरो के बारे में सोचते हैं। वो शख्स क्या कर रहा है, उसने ऐसा क्यों नहीं किया, वो मुझे बेहतर कैसे है। ये बातें आपको तनाव की तरफ ले जाती हैं। जब आप दूसरो के बारे में अधिक और बिना मतलब का सोचने लगते हैं तो आपके दिमाग में तुलना शुरू हो जाती है।  

आप खुद को हीन समझकर तनाव में चले जाते हैं। इसीलिए छोडिये, वो जो कर रहा है करने दीजिए, वो अपनी जगह सही है और आप अपनी जगह मस्त रहिये। बस इस छोटी आदत को बदल दीजिए, खुश रहेंगे।

• 3-खुल के बात करों:
अपने परिवार वालोँ से या फिर जो भी आप के सबसे ज्यादा करीब हैं और आपको लगता हैं की वह आपकी बात समझ सकता हैं उससे खुल के अपने प्रोब्लेम्स के बारे में बात करो।


आपके क्लोज फ्रेंड्स और आपका परिवार ही आपको डिप्रेशन से बहार निकलने में important भूमिका निभाता है।

  • 4-फोन का इस्तेमाल कम से कम करें:

क्या हो अगर आप कम फोन इस्तेमाल करें, इससे क्या बिगड़ जाएगा और आपको कौन सी परेशानी होगी। जब आप इन सवालो को खुद से करेंगे तो जवाब मिलेगा शायद कुछ खास नहीं।

आप जब अधिक फोन इस्तेमाल करते हैं तो आप खुद से दूर होते हैं और खुद से दूर रहने वाला इंसान कभी सुखी नहीं रह सकता है। इसीलिए समय निर्धारित कीजिए और फोन का इस्तेमाल कम कीजिए, आप देखेगे की इस छोटी से आदत को बदलते ही आपका जीवन तनावमुक्त होने लगेगा।


अपने काम से related अलग अलग workshop and seminar में हिस्सा लेने से आपको आपके काम में interest आएगा और आप अपने career में नयी नयी चीज़ो पर experiment करना शुरू कर देंगे।

दुनियाभर के लिए हमारे पास वक्त है लेकिन खुद के लिए नहीं। सबसे बात कर लेते हैं लेकिन खुद से बात करने का एक पल का समय नहीं है और ये आदत आपको तनाव के बहुत करीब ले जाती है।

इस आदत को छोडिये और रोजाना एक घंटे का समय खुद को दीजिए। आपको जो पसंद वो करिए, संगीत सुनिए, मनपसंद खाना खाइए और मस्त रहिये। आप देखेगे की इससे आप तनावमुक्त होने लगेंगे।

• 5-अपना मनपसंद काम करे:
हमें जिस काम में भी आता हो या हमारी जिसमें भी रुची हो वो काम करें जैसे पेटिंग, गाना गाना, कविताये करना या फिर डांस करना इससे हमें Depression से निकलने के लिए सहायता मिलेंगी।

• 6-व्‍यायाम जरूर करों।
कोई भी खेल जिसमे आप को चैलेंज महसूस हो। ऐसे खेल में अपना मन लगाने से भी आप अपने अंदर confidence जगा सकते है। बहुत सारे लोग मैराथन में हिस्सा लेते है, कुछ लोग स्विमिंग शुरू करते है।


 इससे अच्छे physical हेल्थ के साथ mental हेल्थ भी strong हो जाती है।

  • 7-समय पर उठे।

आप सोचेंगे की भला इसका तनाव से क्या मतलब है। जब आप देर से सोते है और देर से उठते है तो आपके जीवन में समय की थोड़ी बहुत कमी होती है। आप जल्दी से उठकर भागते भागते तैयार होते हैं और फिर देर से पहुचने की टेंशन दिमाग में शुरू हो जाती है और हो जाता है तनाव। 

सोचिये अगर आप एक घंटे पहले उठना शुरू कर दें तो आप सारे काम समय से कर सकेंगे, अच्छा नाश्ता कर सकेंगे, आराम से तैयार होकर समय से दफ्तर जा सकेंगे। इस छोटी से आदत को बदल दीजिए और आप देखेंगे की तनाव शब्द आपके जीवन से गायब हो गया।

• 8-Drugs और Medicines से दूर रहे:
अक्सर लोग Depression से लड़ने के लिए बिना किसी डॉक्टर की सलाह के drugs या medicines लेना चालू करते है। इसके खतरनाक side-effects के कारन आपको फ्यूचर में कई health problems को झेलने की नौबत आ जाएगी।

कई नामांकित व्यक्तियों ने अपने जीवन में डिप्रेशन का सामना किया है और वह उसमे से उभर कर आज भी लोगो के सामने एक मिसाल बन कर खड़े है। दीपिका पादुकोण भी इसका एक उदाहरण है। तो अगर आप भी नैराश्यता से गुजर रहे है तो अपने करीबी लोगोसे बात करे और उन्हें अपनी मुसीबतो के बारे में बताये।

देखिये ना ऊपर बताई गई बातें कितनी आसान है। आप चाहे तो इन्हें छोड़ सकते हैं और छोड़कर देखिये आपका जीवन सुखमय हो जाएगा। जिन्दगी में तनाव शब्द का मतलब भूल जायेगे।

कार्यालय में मधुर संबंध बनाने केे सूत्र

 

जानिए ऑफिस के रिश्तो को मधुर कैसे बनाये 


  • 1- साथ में लंच

आप जब दफ्तर जाए और लंच का समय हो तो आप अकेले खाना खाने से बचे क्योकि ये सही नहीं है।


आप किसी के साथ हो ले, जैसे की आपका साथी, आपका जूनियर या फिर आपका सीनियर। जाहिर है की जब आप साथ खाना खा रहे होगे तो आपके मित्र दफ्तर से हटकर भी बातें होगी और ऐसे में आपका रिश्ता और मजबूत बनेगा।

इसके अलावा साथ में चाय पीना भी एक बेहतर तरीका है। लेकिन आप ऐसा रोज नहीं करे बल्कि कभी कभी ये तरकीब अपनाएं।



  • 2- पॉलिटिक्स में नहीं

हर ऑफिस में पॉलिटिक्स होती है और कोई इस वजह से कभी ना कभी फंसता है लेकिन मुश्किल उसे ही होती है जो इसमें बहुत अधिक घुस जाता है। आप इन चीजो से दूर रहे और ये मान ले की आप यहाँ काम करने आये है ना की राजनीती करने।

जब आप राजनीति करेगे, किसी के खिलाफ षड्यंत्र करेगे तो आपके रिश्ते लोगो से कभी बेहतर नहीं हो सकते है।

  • 3- अपना काम तरीके से

अगर आप ऑफिस में अपना काम सही से नहीं करेगे तो आपको समस्या आएगी ही आएगी और आपके रिश्ते किसी से बेहतर नहीं हो सकते है क्योकि जब आप ऑफिस में रहकर वो काम ही नहीं कर रहे है जिसके लिए आपको पैसे मिल रहे है तो बाकी काम कैसे करेगे।

आप अपने काम को बेस्ट करे, इतना बेहतर करे की कोई आपके काम में कमी ना निकाल पाए और ऐसे में आप देखेगे की आपकी इज्जत लोगो के मन में बढने लग जाएगी और आपके रिश्ते ऑफिस में मधुर होने लग जाएगे।

  • 4- थोड़ी से मदद

अक्सर देखा जाता है की ऑफिस में काम अधिक होता है और उसे खत्म करने के लिए समय बहुत कम। ऐसे में लोग परेशान होते है लेकिन कुछ लोग होते है जिन्हें काम नहीं होता है और वो बैठे रहते है।



अगर आप फ्री है तो आप कोशिश करे की उन लोगो की मदत हो सके जो की काम की वजह से बहुत परेशान है। ऐसे में आप देखे की आपका रिश्ता उनके साथ बहुत बेहतर होने लग जाएगा और आपको वो सच्चे दोस्त की तरह मानने लग जायेगे।

  • 5-घर बुलाना और बेहतर

अगर आप अपने ऑफिस के रिश्तो को बहुत अधिक मजबूती देना चाहते है तो आप अपने गिने चुने लोगो को घर बुलाये।



आप अपने परिवार से मिलवायें, उनके साथ खाना खाए ओसे ऐसे में घरेलू रिलेशन आपका उस शक्स के साथ बन जाएगा जो की आपके साथ ऑफिस में काम करता है।

  • 6-बाहर मिले

दफ्तर एक ऐसी जगह है जहाँ आप चाहकर भी काम के अलावा बाकी काम नहीं कर अकते है लेकिन आप बाहर समय निकालकर अपने रिश्ते को मजबूत बना सकते है।


आप अपने कलीग्स के साथ फिल्म देखने जाए, साथ में डिनर करे, बाहर घूमने जाए जिससे आपके रिश्ते मजबूत और मधुर बनेगे। बाहर मिलने पर आप लोग एक दूसरे को पर्सनली जान पायेगे और जिन्दगी के वो पहलु एक दूसरे के साथ शेयर कर पायेगे जो की आप दफ्तर में नहीं कर सकते है।

मंगलवार, 8 सितंबर 2020

इन से सीखे अमीर बनना

 Top startups in India

नए बिजनेस को सफल बनाने के लिए बाजार के वातावरण और प्रतिद्धंदियों को समझना बेहद जरूरी है। भारत में आर्थिक विकास तेजी से हो रहा है, रोजाना नई-नई कंपनियां का विस्तार हो रहा है। लेकिन उनमें से कुछ स्टार्टअप ही ऐसे हैं जिन्होनें न केवल कुछ ही समय में अपनी पहचान बनाई है बल्कि करोड़ों लोगों को फायदा भी पहुंचाया है।

इसके साथ ही ऐसे स्टार्टअप आज मिलियन डॉलर कमा रहे हैं। किसी भी स्टार्टअप के लिए शुरुआत में ही सफल होना वाकई तारीफे काबिल है।भारत में कई दिग्गज ऐसे हैं जिनके दिमाग में आइडिया आया और इस आइडिया को उन्होनें बिजनेस का रूप दे दिया और वे आज काफी सफल हैं। इसी के साथ भारत देश-विदेशों में आर्थिक विकास के लिए पहले नंबर हैं।

हम आपको भारत के सबसे अच्छे स्टार्टअप के बारे में बता रहे हैं। जिन्होनें महज कुछ ही समय में सफलता हासिल कर ली है और बाकी लोगों के लिए मिसाल कायम की है। भारत के टॉप स्टार्टअप इस प्रकार हैं-

भारत के कुछ टॉप स्टार्टअप – Top startups in India

  • “Ola Cabs”

Ola Cabs आज जो सबसे बड़ी परिवहन नेटवर्क कंपनी बन चुकी है। ओला कैब सबसे अच्छी ऑनलाइन टैक्सी और कार ऐग्रीगेटर सर्विस है। इसके साथ ही ओला दूसरी ट्रांसपोर्ट ऐप ऊबर को मार्केट में कड़ी टक्कर दे रही है।

ओला कैब एक स्मार्टफोन ऐप है जो की आज ज्यादातर स्मार्टफोन यूजर्स के फोन में डाउनलोडेड है। इस ऐप की मद्द से कुछ ही मिनट में टैक्सी सर्विस का आप फायदा ले सकते हैं। एक क्लिक पर ग्राहक ओलाकैब से टैक्सी सर्विस को अपनी लोकेशन पर बुला सकता है।

ओलाकैब ने वाकई यात्रा को बड़ा आसान और सुगम बना दिया है। ओला कैब एक ऐसी टैक्सी सर्विस है जिसमें दूरी और किराए को लेकर काफी पार्दशिता है। इसी के साथ इसमें यात्रा को ट्रैक करने का भी विकल्प है।

इस मॉडर्न ऐप ने वाकई यात्रा से जुड़ी लगभग सारी समस्याओं को दूर करने में लोगों की काफी मदत की है और सस्ते दामों पर टैक्सी सर्विस उपलब्ध करायी हैं।

ओला कैब की शुरुआत 3 दिसम्बर, 2010 को IIT बॉम्बे में पढ़ने वाले छात्र भविश अग्रवाल और अंकित भाटी ने की थी। ओला कैब अपनी सर्विस करीब भारत के 110 शहरों में दे रही है और इसके पास करीब 6,00000 वाहन हैं। वहीं ओला कैब ने ऑटो सर्विस देना भी शुरू कर दिया है जिससे कंपनी का रेवन्यू दिन पर दिन काफी बढ़ता जा रहा है।

  • “PayTm”

पेटीएम भारत का सबसे बड़ा सफल स्टार्टअप है। यह एक ई-कॉमर्स पेमेंट सिस्टम और डिजिटल वॉलेट कंपनी है। जिसे साल 2010 में विजय शेखर शर्मा ने लॉन्च किया था जो कि नोएडा से संबंधित है। पेटीएम स्मार्ट फोन पर डाउनलोड की जाने वाली सबसे पसंदीदा ऐप बन गई है।

पेटीएम एप की लोकप्रियता दिन पर दिन बढ़ती जा रही है क्योंकि पेटीएम जहां डिजिटल इंडिया का सबसे अच्छा उदाहरण पेश करता है वहीं पेटीएम पेमेंट ट्रांसफर से लेकर बिल का भुगतान करना, मोबाइल रिचार्ज करना या अन्य बैंकिंग सुविधाएं काफी आसान बना दी हैं इसी के साथ पेटीएम ने बिजनेस में पार्दशिता में भी लाने में काफी मदत की है। जिसके माध्यम से आदान-प्रदान में नजर रखी जा सकती है।

जहां पेटीएम ने पेमेंट ट्रांसफर को सफल बना दिया है वहीं दूसरी तरफ पेटीएम दूसरी बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों को बड़ी टक्कर दे रही है। इलैक्ट्रॉनिक्स का सामान हो, कपड़ों की खरीददारी करनी हो या फिर जरूरत का अन्य सामान खरीदना हो आप पेटीएम की मद्द से आसानी से खरीद सकते हैं। बिजनेस के लेन-देन में भी पेटीएम काफी सहायक है।

अभी हाल ही में जब मोदी सरकार ने नोटबंदी का एलान किया था तब पेटीएम ने डिजिटल पेमेंट के जरिए लोगों को काफी सुविधा प्रदान की थी। वहीं जनवरी, 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक पेटीएम की नेट वर्थ करीब 10 बिलियन थी। इस तरह पेटीएम भारत का सफल स्टार्टअप बन चुका है।

  • “Flipcart”

Flipcart भारत की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स बैंगलोर की कंपनी है। जिसे साल 2007 में सचिन बंसल और बिनी बंसल ने स्थापित किया था। शुरूआती दौर में कंपनी ने ऑनलाइन किताबें बेचने से शुरू किया था फिर बाद में इस ई-कॉमर्स कंपनी ने इलैक्ट्रॉनिक्स, गैजट्स, कपड़े, फैशन, लाइफस्टाइल से जुड़े प्रोडक्ट भी बेचना शुरु कर दिया और इस तरह से कंपनी दूसरी बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी बन गई।



और अब ये दूसरी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजॉन और स्नेपडील को बड़ी टक्कर दे रही है। वहीं फ्लिपकार्ट का ई-कॉमर्स इंडस्ट्री में साल 2017 तक करीब 39।5 प्रतिशत शेयर था जबकि मई, 2018 में वॉलमार्ट ने फ्लिपकार्ट के 77 प्रतिशत खरीद लिए, वॉलमार्ट ने फ्लिपकोर्ट से 1।07 लाख करोड़ रूपये में खरीद कर फ्लिपकार्ट का अधिग्रहण कर लिया है।

आपको बता दें कि, फ्लिपकार्ट अपने ग्राहकों को ऑनलाइन बुकिंग के आधार पर प्रोडक्ट उपलब्ध करवाता है इसके साथ ही कंपनी की पेमेंट पॉलिसी, डिलीविरी सर्विस और रिटर्न पॉलिसी अच्छी होने की वजह से ज्यादातर लोग ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट से सामान खरीदना पसंद करते हैं।

ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट ने लोगों को ऑनलाइन सुविधा देकर कई समस्याओं का हल कर दिया है। इसी के साथ फ्लिपकार्ट लोगों के बीच काफी लोकप्रिय होती जा रही है। फ्लिप कार्ट की इनकम भी तेजी से बढ़ रही है। इस तरह ये सफल स्टार्टअप के रूप में सामने आई है।

  • “Make My Trip”

मेक माई ट्रिप एक ऑनलाइन ट्रेवल कंपनी है जिसने यात्रा से जुड़ी समस्याओं का हल निकालने की कोशिश की है। इस ऑनलाइन ट्रेवल कंपनी के माध्यम से लोग आसानी से अपनी यात्रा प्लान कर सकते हैं।



मेकमाईट्रिप की सहायता ऑनलाइन फ्लाइट टिकट, ऑनलाइन होटल बुक किए जा सकते हैं इसके साथ ही मेक माई ट्रिप के माध्यम से लोग अपना हॉली-डे पैकेज भी आसानी से ऑनलाइन बुक कर सकते हैं।

भारत के 47 शहरो में मेक माई ट्रिप ट्रेवल कंपनी 51 रिटेल स्टोर को भी चला रहा है। जिसकी वजह इसने महज कुछ ही समय में लोगों के बीच अपनी जगह बना ली और आज सफल स्टार्टअप के रूप में स्थापित हो गई है।

साल 2000 में मेक माई ट्रिप को दीप कारला ने लॉन्च किया था। शुरूआती दौर में इस कंपनी को भारत में इतना अच्छा रिस्पॉन्स नहीं मिल रहा था लेकिन बाद में कंपनी की इनकम बढ़ती चली गई और 2016- 2017 में कंपनी का रेवन्यू बढ़कर करीब 62 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया आज जहां ये कंपनी कई हजार लोगों का रोजगार उपलब्ध करवा रही है वहीं कई लोग इस मेक माई ट्रिप के जरिए अपनी ट्रिप को और भी रोमांचक बना रहे हैं।

  • “OYOROOMS”

Oyo rooms सस्ते दामों पर होटल बुकिंग करवाने के लिए मशहूर है। जिसे साल 2013 में रितेश अग्रवाल ने स्थापित किया था। 21 साल की उम्र में रितेश ने लगभग 400 करोड़ की कंपनी बनाकर बाकी दूसरे बिजनेसमैन को हैरान कर दिया था। Oyo rooms भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी पहचान बना चुका है। Oyo rooms के 230 शहरो में करीब 8500 होटेल हैं।


Oyorooms दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई, बैंगलोर समेत मेट्रो सिटी में होटल बुकिंग करने की सुविधा प्रदान करता है। Oyo rooms की खासियत यह है कि ये कम बजट में अच्छी सुविधा प्रदान करता है, लोग सस्ते दामों पर अच्छे होटल बुक कर सकते हैं। साल 2017 के मुताबिक कंपनी का रेवन्यू करीब 400 मिलियन डॉलर था जो कि अब बढ़ चुका है साथ ही कंपनी ने जनवरी, 2018 में इसके रूम की संख्या भी बढ़ा दी है।



  • “Wow! Momo”

Wow Momo भी एक अच्छे सफल स्टार्टअप के तौर पर उभर कर सामने आ रही है। Wow Momo एक फूड चैन ( आहार श्रंखला ) है जो कि काफी तेजी से विकास कर रही है और अच्छी कमाई कर रही है।

Wow Momo की ब्रांच दिल्ली, चेन्नई, कोच्ची समेत कई बड़े शहरों में हैं। Wow Momo एक शाकाहारी रेस्टोरेंट के रूप में मशहूर है ये बर्गर, तिब्बती फूड अपने ग्राहकों को उपलब्ध करवाता है।


Wow! Momo रेस्टोरेंट की स्थापना साल 2008 में की गई थी जिसका हेडक्वार्टर कोलकाता में है। सागर दरयानी और बिनोद कुमार ने Wow Momo रेस्टोरेंट की स्थापना की थी। वहीं कंपनी के रेवन्यू की बात करें तो साल 2017-2018 में इस रेस्टोरेंट का रेवन्यू 300 करोड़ था।

  • “Zomato”

जोमेटो ऑनलाइन होटल की लोकेशन ढूंढने में मद्द करता है। पिछले कई दिनों से जोमेटो ऐप तेजी से डाउनलोड की जा रही है। ऑनलाइन ऐप के जरिए लोग रेस्टोरेंट के रेट और फूड क्वालिटी के बारे में जानकारी जुटा सकते हैं।



जोमेटो सर्विस साल 2008 में दीपिन्दर गोयल और पंकज चड्डा ने लॉन्च की थी। जोमेटो के जरिए 23 देशों की रेस्टोरेंट सर्विसेज का पता लगाया जा सकता है जिसमें ऑस्ट्रेलिया और यूनाइटेड स्टेट भी शामिल हैं।

महज कुछ ही सालों में जोमेटो ने लोगों की बीच अपनी पकड़ बना ली है। जोमेटो फूडीवे (foodiebay) के नाम से शुरू की गई थी बाद में इसका नाम बदलकर जोमेटो कर दिया गया।

आपको बता दें कि जोमेटो में एक महीने में करीब 90 मिलियन डॉलर से ज्यादा यूजर्स विजिट करते हैं और इसकी संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। जोमेटो की सालाना आय करोड़ो मिलियन डॉलर है।

रोजाना मार्केट में कई कंपनी खुलती और बंद होती हैं लेकिन कुछ ही कंपनी अपनी पकड़ लोगों के बीच बना पाती हैं और सफल हो पाती हैं। इसी तरह सफल स्टार्टअप के बारे में लिखा गया है जिन्होनें बेहद कम समय में अच्छी कमाई की है। जो कि वाकई सराहनीय है।

दूसरों से सम्मान कैसे प्राप्त करें

हर कोई दूसरों का सम्मान करना चाहता है। कोई भी अपमान नहीं करना चाहता है या दूसरों के द्वारा नीचे देखा जाता है। लेकिन, दूसरों से सम्मान पाने के लिए, आपको पहले उनका दिल जीतना होगा।

यह निश्चित रूप से आसान नहीं है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हमें कड़ी मेहनत करनी है या महान चीजें हासिल करनी हैं।


दूसरों का सम्मान करने के लिए, सबसे पहले दूसरों का सम्मान करने में सक्षम होना चाहिए। फिर आपको अपने व्यवहार में सुधार करना होगा और अच्छा व्यवहार करना होगा। इसके लिए स्वयं के भीतर कुछ बदलाव लाना आवश्यक है।

दूसरों से सम्मान कैसे प्राप्त करें? आइए हम आपको कुछ सलाह देते हैं।

1। दयालु हों .
यह वह गुण है जो हर इंसान को होना चाहिए।

 इसलिए हमेशा दयालु रहें और उन लोगों की मदद करने की कोशिश करें जो दर्द में हैं। जितना हो सके, ऑफिस में आस-पड़ोस के लोगों और अपने सहकर्मियों की मदद करें। इस तरह आप दूसरों की मदद करके उनकी इज्जत कमा सकते हैं।

2। अन्य का आदर करें
सम्मान पाने के लिए, आपको दूसरों का सम्मान करने की आवश्यकता है। छोटे को प्यार करना और बड़े का सम्मान करना भी हमारी संस्कृति का हिस्सा है। इसलिए दूसरे लोगों का सम्मान करना सीखें ताकि वे आपको सम्मान की नजर से देखें।

3। ध्यान से सुनो
केवल जब आप लोगों को ध्यान से सुनते हैं तो उनका सम्मान आपके प्रति बढ़ता है। अपने आसपास के लोगों की बात सुनें और अच्छा बोलें।



बोलते समय, विनम्र रहें और अच्छे शिष्टाचार दिखाएं। वे आपके अच्छे व्यवहार से आपकी ओर आकर्षित होते हैं और वे आपका सम्मान भी करते हैं।
4। मेल - जोल बढ़ाओ
आज बहुत से लोग स्वार्थी हैं। वे सभी तीन लोगों के साथ संवाद करते हैं और केवल उन लोगों का सम्मान करते हैं जो अपने काम पर आ सकते हैं। इसलिए अपने जनसंपर्क में सुधार करें और सामाजिक बनें।

उनके काम पर आएं और ज़रूरत के समय उनकी मदद करें ताकि वे हमेशा आपको याद रखें और आपका सम्मान करें।
5। नाराज मत होना
जब आप बिना किसी कारण के कुछ लोगों के साथ बार-बार गुस्सा करते हैं, तो वे खुद को आपसे दूर कर लेते हैं।



इसलिए खुश रहें और उनसे मुस्कुराकर बात करें। लोगों से नाराज़ होने के बजाय उन्हें प्यार करें, तभी दूसरे आपका सम्मान करेंगे।

सफल लोगो की 9 अच्छी आदते

क्या आप सफल बनने के लिये सफल लोगो की इन अच्छी आदतो को अपनाते हो?

इसे हमेशा याद रखे!

यदि आप भी जीवन में ज्यादा सफल लोगो की तरह सफल बनना करना चाहते हो तो काम करते समय इन आदतो को जरूर अपनाइये।



यदि आप ये चाहते हो की आपको कम से कम काम करके ही सफलता मिले, तो आप अपने आप को ही बेवकूफ बना रहे हो। क्योकि सफल लोग कठिन महेनत करते है, बहुत सी चीजो का त्याग करते है, कई बार असफल होते है, लेकिन फिर भी हमेशा आगे बढकर वे अपने लक्ष्य को पाते है।

जब आप गंभीर रूप से एक सफल बनने के बारे में सोचते हो, तो सबसे पहले आपको अपनी आदतो को बदलने की जरुरत होती है।

एक सफल इंसान बनने के लिये आपको उनके जैसी आदतो को भी स्वीकार करना चाहिये और अपने आप को विकसित करना चाहिये। एक सफल इंसान बनने के लिए आपको आपके स्वभाव के विपरीत जाने की जरुरत होती है। तभी आपको ये आदते आगे बढने में मददगार साबित होंगी।

सफल लोगो की 9 अच्छी आदते 

1-क्‍या आप अपनी ताकत पर भरोसा करते हो।

श्रेष्ठ एवं सफल लोग अपनी ताकतों पर ज्यादा ध्यान देते है और साथ दूसरे लोगो की ताकतों पर भी ध्यान रखते है। उनका ध्यान इस बात पर सबसे ज्यादा होता है की वे क्या कर सकते है जबकि इस बात पर बहुत कम होता है की वे क्या नही कर सकते है।


वे असफलता को अपनी सफलता के रास्ते की बाधा नही बनने देते, लेकिन असफलता से कुछ ना कुछ जरूर सीखते है। सफल इंसान अपना ज्यादातर समय अपनी कमजोरियों पर व्यतीत नही करते, बल्कि वे ज्यादातर समय अपने प्रदर्शन को विकसित करने में लगाते है।

2- क्‍या आपने कभी अपनी जिम्‍मेदारिया ली।

सफलता प्राप्त कर चुके लोग ये जानते है की समय का उनके जीवन में बहुत महत्त्व है। इसीलिए उन्हें जरा भी समय व्यर्थ गवाना पसंद नही होता है।


जब कभी भी उन्हें उनके द्वारा की गई गलती का अहसास होता है तो वे तुरंत उसकी जिम्मेदारी लेते हुए अपनी गलती को सुधारने की कोशिश करने लगते है। वे सिर्फ अपनी जिम्मेदारिया ही साथ लेके नही चलते बल्कि दुसरो की जिम्मेदारियो को भी समझते है।

3- क्‍या आपका चरित्र उदार है।

सफल इंसान उदार ही होते है और उनमे अपने और अपनी टीम में होने वाले बदलाव को देखने की चाह होती है। जब उन्हें अपने लक्ष्य को हासिल करने का कोई और अच्छा मार्ग मिलता है तो वे उन रास्तों पर चलने से कतई नही डरते।

नये रास्तो पर चलते हुए नए विचार निर्माण करते जाते है, और दुसरो को उन रास्तो पर चलने के लिए प्रेरीत करते है। श्रेष्ट और सफल इंसान एक महान नेता भी होते है, क्योकि वे अपने साथ अपनी पुरी टीम को भी लेकर चलते है।

4- क्‍या आप समस्‍या का समाधान करने में दूसरों को भी शामिल करते हो।

सफल इंसान वे कहलाते है जिनके पास मुसीबतो का सामना करने के श्रेष्ट उपाय होते है। ताकि वे दुसरो की भी सहायता कर सके और इनका श्रेय वे खुद नही लेते बल्कि दुसरो को भी देते है।


सफल लोग अपने कामो पर तो पुरा ध्यान देते ही है लेकीन साथ ही दुसरो को विकसित करने में भी लगे रहते है। ऐसे लोगो के लिये अपने साथ-साथ अपने सहकर्मियों का विकास भी जरुरी होता है।

5- क्‍या आपके पास लक्ष्‍य है

सफलता प्राप्त करने वाले इंसान बेसुध होकर दिनभर काम करते है। लेकिन हर काम करने का उनका एक उद्देश्य होता है। उनका मुख्य उद्देश्य व्यापर करना होता है।


सफल लोग हमेशा परीणाम देखना चाहते है और वे अपना काम भी परीणाम मिलने की चाह से करते है ना की काम में व्यस्त रहने की चाह से।

6- क्‍या आपन कोई पहल की।

सफल इंसानों में मुश्किलो को स्वीकारने की चाह होती है। मुश्किलो का वे आसानी से सामना करते है और उनके कुछ सीखकर ही आगे बढ़ते है।

सफल लोग खुद ही अपनेआप को प्रेरीत करते है और खुद ही अवसरों का निर्माण करते है और हमेशा नये अवसरों की खोज में लगे रहते है। शुरू से ही उनमे कुछ नया, कुछ अलग करने की चाह होती है।

वे अच्छी तरह से अपनी जवाबदरीयो को समझकर उन्हें बखुबी निभाते है। और अपने करियर में आगे बढ़ने के लिये यह उन्हें काफी मददगार साबित होता है।

7-क्‍या आप कभी अपने क्षेत्र से बाहर गये

अपने क्षेत्र से बाहर जाना, ये भी सफल लोगो की पहचान होती है। जब भी उन्हें किसी समस्या के समाधान करने की जरुरत होती है तो वे नए उपयो के साथ आते है। हमेशा उनके क्षेत्र के बाहर वे 2-3 ऐसे लोगो को रखते है जिनपर उन्हें पूरा भरोसा हो।

उन्ही के साथ वे अपने क्षेत्र से बाहर जाते है, महत्वपूर्ण जानकारीयो को हासिल करते है और अपनी संस्था को आगे बढ़ाने में सहायता करते है। इसी वजह से ज्यादा से ज्यादा लोगो को वे आकर्षित करते चले जाते है और मजबुत रीश्तो का निर्माण करती है।

8- क्‍या आप हर समय अपना 100% देते हो।

सफल इंसान ये जानते है की उन्हें हमेशा अपना 100% देना है और वह कब देना है ये भी वही जानते है। उन्होंने जितने भी लक्ष्यों को हासिल किया है उन सभी की जानकारी वे आपको प्रदान करते है।


ऐसे लोग हमेशा ही उन रास्तो की खोज में लगे रहते है जिन रास्तो पर चलकर वे अपने प्रदर्शन की क्षमता को बढ़ा सके। ताकि प्रतियोगिता की इस दुनिया में वे आगे बढ़ सके।

9- क्‍या आपने कभी खुद को पहले या दूसरे स्‍थान पर रखा है

ऐसे लोग खुद को दुसरे स्थान पर रखने की बजाये पहले स्थान पर रखते थे। क्योकि वे हमेशा ही जानते थे की ऐसा करने से उचे पद पर रहते हुए वे लोगो की सहायता कर सकते है।

साथ ही जितने भी लोग उनके साथ काम करते है, उन सभी की भी समस्याओ का समाधान ऐसे लोग करते है।

हमेंशा ये अपने मस्तिष्क में रखे:                                                        

दुनिया में हर एक की सफलता अलग है। जिसका सबसे मुख्य रूप एक सफल इंसान बनना है। ऐसे लोग अपने जीवन में आनंद और खुशियो को बढाने की कोशिश करते है।

इन सभी आदतो को अपनाकर ही आप अपने जीवन को बदल सकते हो। यदि आपको अपने लक्ष्य तक पहोचना है तो आपको बदले में कुछ न कुछ तो जरूर देना ही पडेंगा। यही प्रकृति का नियम है।

बुधवार, 2 सितंबर 2020

सुखी जीवन के 5 सूत्र


आइए एक नज़र डालते हैं और सोचते हैं, आपको इन चीजों की आवश्यकता क्यों है? जवाब है, 'आनंद लेने के लिए।' कार / मोटरसाइकिल की सवारी करना। भूमि अनाज उत्पादन के लिए भूमि। घर पर ठहरने के लिए अब यह सब कौन भोगेगा? हमारा शरीर।



इसका शाब्दिक अर्थ है कि हमारे द्वारा जोड़े गए, प्राप्त किए गए, बैकअप किए गए, सहेजे गए सभी भौतिक चीजें हमारे आराम के लिए हैं। यह हमारी सुविधा के लिए है। इसलिए हम इन सभी चीजों का आनंद तभी ले सकते हैं जब हमारा शरीर स्वस्थ, फिट और मजबूत हो।

इसलिए, हमारा स्वास्थ्य उन भौतिक चीजों की तुलना में अधिक कीमती है, जिन्हें हमने जोड़ा और जीवित रखा है। तो हम अपने स्वास्थ्य के लिए क्या कर रहे हैं?

1. काम और कमाई का चक्र

हम सुबह उठते हैं। हम गर्म चाय और नाश्ते के साथ काम करते हैं। हम सारा दिन काम करते हैं और पैसा कमाते हैं। जब हम रात को लौटते हैं, हम खाना खाते हैं और सोते हैं। यह हम में से अधिकांश का दैनिक कार्यक्रम है। यानी हमने काम करने में समय बिताया।




हमने करियर के लिए समय बिताया। कभी-कभी आपको सामाजिक कार्यों में काम करना पड़ता है। हमने समाज के लिए समय बिताया। कभी-कभी आपको परिवार को खुश करना पड़ता है। हमने अपने परिवारों के साथ समय बिताया। लेकिन, इस बीच, हमने अपने स्वास्थ्य के लिए कितना समय निर्धारित किया है?

सुबह 6 बजे जागने से लेकर रात के 10 बजे तक हम लगातार घूम रहे हैं।हम कुछ कर रहे हैं। लेकिन, ऐसे समय में, हम आधे घंटे, एक घंटे या दो को अपने लिए अलग क्यों नहीं कर सकते?

2. अपनी मर्जी से सिर्फ दो घंटे


यह वह समय है जब हम अपने स्वास्थ्य के लिए अलग सेट करते हैं। तो आइए व्यायाम करते हैं, चलो योग का ध्यान करते हैं, चलो ताजा भोजन खाते हैं। चलो नहाते हैं। मन को शांत और प्रसन्न रखें।


सच है, इन बातों को कहना जितना आसान है, उतना ही कठिन है उन्हें अमल में लाना। यह मुश्किल है क्योंकि हमने स्वास्थ्य की संवेदनशीलता पर विचार नहीं किया है। हमें समझ नहीं आता कि हमारा स्वास्थ्य कितना कीमती है।


शारीरिक स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती के लिए ज्यादा समय नहीं है, दिन में सिर्फ एक या दो घंटे अपने लिए पर्याप्त हैं। यह हमारा अपना समय है। और, इस समय सब कुछ भूलकर, आपको / हमें खुद का आनंद लेना सीखना चाहिए।

3. निरोगी रहें। 

आप / हम काम करने, कैरियर बनाने, पैसा कमाने, घर बनाने, कार खरीदने, स्वास्थ्य की कोई बात नहीं करने के चक्र में दौड़ रहे हैं। अब कल शारीरिक समस्या होगी। आपको उपचार की आवश्यकता हो सकती है।


आपको अस्पताल जाना पड़ सकता है। थैला इलाज में बहुत पैसा खर्च हो सकता है। ऐसे में हम अपनी बात छोड़ दें, परिवार और बच्चों का क्या होगा? उन पर क्या होगा जो हम पर निर्भर हैं?


4. शरीर को पवित्र करें।


कहा जाता है कि शरीर एक मंदिर है। मंदिर जितना पवित्र है, उतना ही खुश भगवान है। ईश्वर हमारे शरीर के अंदर की ऊर्जा है। जीवन है


हम धूम्रपान करते हैं, शराब पीते हैं, अपच भोजन खाते हैं। इसका मतलब है कि हम अपने ही शरीर को तुच्छ समझ रहे हैं। हम ऐसे खाद्य पदार्थों को खाते हैं जो शरीर के लिए पचाने में मुश्किल होते हैं, जैसे कि जंक फूड, मांस व्यंजन, मसालेदार व्यंजन, स्टार्ची, तले हुए खाद्य पदार्थ। शरीर की कितनी जरूरत है, इसकी परवाह किए बिना हम जितना खा सकते हैं, खाते हैं। जब हम भूखे होते हैं, जब हम पूरे पेट के साथ खाते हैं। इस तरह हम शरीर को दर्द और पीड़ा देते हैं।



स्वास्थ्य से ज्यादा कीमती धन नहीं है। जब हम स्वस्थ, तंदुरुस्त, स्वस्थ होते हैं, तब हमारे पास नकारात्मक भावनाएं नहीं होती हैं। काम करने के लिए ऊर्जा और उत्साह जागृत करें। मन प्रसन्न है। खुशी वही है जो आपने अनुभव की है। आप जो खाते हैं उसका स्वाद ले सकते हैं। इसलिए आपको अपनी सेहत के लिए हर दिन कुछ समय अलग रखना चाहिए। आपको योग करना चाहिए, आपको ध्यान करना चाहिए। व्यायाम करना चाहिए आपको एक सक्रिय जीवन जीना होगा।


5. केवल कल के लिए धन?


जब हम अपने स्वास्थ्य का ध्यान नहीं रखते हैं, तो एक दिन एक दुर्घटना होगी। यानी यह किसी बीमारी से प्रभावित है। ऐसी स्थिति में पहुंचने के बाद, अफसोस का कोई विकल्प नहीं है। इसलिए, कल के संभावित संकट से बचने के लिए, हमें आज के लिए खुद को अलग रखना होगा।


हम कल के लिए पैसा बचाते हैं। हम कल के लिए धन रखते हैं। लेकिन हम कल के लिए अपने स्वास्थ्य का ख्याल क्यों नहीं रखते?


आज हम पैसे कमाते हैं, हम अपने घर में कार जोड़ते हैं। आज हमारी पार्टी है। मज़े करो हमारी जरूरतें बढ़ने लगती हैं। हमारी आकांक्षाएं फैल गईं। हम और अधिक विशेषाधिकार प्राप्त हो जाते हैं। ऐसी सुविधाओं के चक्र में, हम अपने स्वयं के स्वास्थ्य की उपेक्षा कर रहे हैं।


जानिए आप कितने विनम्र है

हम सभ्यता की बात करते हैं। हम विनम्र होने का अभ्यास करते हैं। हम खुद को विनम्र और दूसरों के सामने शिक्षित दिखाने की कोशिश करते हैं।

हम वास्तव में कितने सभ्य हैं? यह दूसरों को दिखाने की बात नहीं है, यह अपने मन के भीतर खोजने की बात है।



एक बार आँखें बंद कर लो और सोचो, 'मैं कितना विनम्र हूँ?'
वास्तव में, सभ्यता वह नहीं है जो दूसरों को दिखाई जाती है। सभ्यता, राजनीतिकता आत्म-अनुशासन का विषय है। हमें खुद के प्रति विनम्र होना चाहिए। आपको अपने लिए शिक्षित होना होगा। अपने प्रति विनम्र रहें।

इस तरह से परीक्षण करते हैं
हम कितने सभ्य हैं?

यह एक ऐसी चीज है जिसे अपने दम पर परखा जा सकता है। इसके लिए आपको कुछ और करने की ज़रूरत नहीं है, यह पूरे दिन आपके व्यवहार का मूल्यांकन करने के लिए पर्याप्त है।

आप विकलांगों के लिए क्या करते हैं?

मान लीजिए कि एक अंधा व्यक्ति एक अजीब रास्ते पर चल रहा है। अंधे के लिए हमारे पास उपयुक्त रास्ता नहीं है। शहर के कुछ स्थानों में ब्रेल हैं, लेकिन यह व्यावहारिक उपयोग के लिए उपयुक्त नहीं है। एक अंधे व्यक्ति के लिए सफेद बेंत की मदद से चलना मुश्किल है। उनकी ऐसी मजबूरी देखकर हम ऐसा व्यवहार करते हैं जैसे हमने देखा ही नहीं।


यदि हमारे पास बहुत कम मानवीय चेतना है, तो हम उन्हें एक निश्चित गंतव्य पर ले जाकर अंधे की मदद कर सकते हैं। या हम उन्हें आगे सड़क की स्थिति से अवगत करा सकते हैं।

लेकिन, जो हमने देखा है कि हम उस अंधे व्यक्ति को एक तरफ धकेलते हुए आगे बढ़ते हैं, जो अपनी गति से चल रहा है। चाहे एक कार में हो या किसी दुकान पर खरीदारी करना, जो लोग खुद से कमजोर या कमजोर हैं, वे अक्सर चौंक जाते हैं। यह हमारी अशिष्टता है।

बूढ़े लोगों के सामने आप क्या करते हैं?
यह ऐसा है जैसे कोई बूढ़ा बैठा हो। हम उनके लिए कितना सम्मान दिखाते हैं। हम खुद को उनके सामने कैसे प्रस्तुत करते हैं? यह हमारी सभ्यता का परीक्षण भी करता है।



अधिकांश समय, ऐसा लगता है, बुजुर्गों का तिरस्कार करना। उनका इलाज करने के लिए जैसे कि उनके पास शक्ति या क्षमता नहीं है। हम उनके साथ अपने व्यवहार में कंजूस हैं। यह हमारी अशिष्टता है।

वृद्धावस्था एक प्राकृतिक अवस्था है और हम सभ्य कैसे हो सकते हैं यदि हम यह नहीं समझते हैं कि उस अवस्था तक पहुँचने के बाद स्थिति कितनी संवेदनशील है?

आप किसी को अपने से छोटा या कमजोर कैसे मानते हैं?
अक्सर हमारी प्रवृत्ति उन लोगों को तुच्छ समझने की होती है जो खुद से छोटे और कमजोर होते हैं। यहां तक ​​कि जिन्हें समाज में महत्वपूर्ण माना जाता है और वे अपनी प्रतिष्ठा दिखाना चाहते हैं, वे छोटे और कमजोर लोगों के साथ अवमानना ​​करते हैं। यह अशिष्टता है।

जो लोग बड़ों के सामने हाथ लहराकर खुद को पेश करते हैं वे छोटे लोगों को फटकार और थप्पड़ मार रहे हैं। जिन लोगों में ऐसी प्रवृत्ति होती है, वे वास्तव में असभ्य होते हैं। सभ्य लोग अपने व्यवहार या दिखावे में किसी के साथ भेदभाव नहीं करते हैं।

हम जानवरों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं?
यदि आप एक आवारा कुत्ते को सड़क पर चलते हुए देखते हैं तो आप क्या करते हैं? क्या आप लात मारते हैं या सहानुभूतिपूर्वक खाने के लिए कुछ देते हैं?


अक्सर देखा जाता है कि एक स्ट्रीट डॉग पर पत्थर फेंक रहे हैं, उसे लात मार रहे हैं, और उस पर गर्म पानी डाल रहे हैं। यह अशिष्टता की हद है। सभ्य आदमी निर्दोष और असहाय प्राणियों को चोट पहुँचाकर खुश होने की कोशिश नहीं करता।

इसके बजाय, अगर घर पर खाने से बचा हुआ खाना किसी रेस्तरां में पैक किया जाता है और कुत्तों, बिल्लियों, कौवों और पक्षियों को दिया जाता है, तो वह सभ्यता है। क्योंकि हमें जीवित रहने के लिए प्रकृति के साथ एक होने की आवश्यकता है। प्रकृति के सभी प्राणियों के साथ एक सामंजस्यपूर्ण और प्रेमपूर्ण संबंध होना आवश्यक है।

हम सार्वजनिक रूप से क्या करते हैं?
हमें सार्वजनिक रूप से जो करना है उसकी जिम्मेदारी नहीं लेनी है। दूसरे शब्दों में, उसने एक सिगरेट पी और उसे फेंक दिया। थूकना सुपारी चबाना और हर जगह थूकना। पराग या नूडल्स खाने के बाद, खोल को अंधाधुंध तरीके से फेंक दिया गया था। हमें लगता है, बालों का मतलब है जब आपको खुद को साफ़ नहीं करना है!

हम सार्वजनिक शौचालयों में इसका उपयोग करने के बाद पानी से साफ नहीं करते हैं। जब हम किसी सरकारी कार्यालय में पहुंचते हैं, तो हम उसकी दीवार पर सुपारी थूकते हैं, वास्तव में यह असभ्य है।

हमें सार्वजनिक स्थानों, सरकारी कार्यालयों में अनुशासित रहना होगा। तब यह सभ्य नहीं हो जाता।

आप कितने विनम्र हैं
टिपटो पर चलना, आराम से रहना, महंगे रेस्तरां में खाना, निजी कार में सवारी करना विनम्र नहीं है। सभ्यता एक ऐसी चीज है जो किसी के व्यवहार में प्रदर्शित होती है।



किसी सार्वजनिक स्थान पर केला खाएं और देखभाल के साथ डिब्बे में फेंक दें। यही सभ्यता है। विकलांगों को किसी भी सार्वजनिक परिवहन पर चढ़ने और बैठने में मदद करता है। यही सभ्यता है। किसी भी कुत्ते या जानवर के साथ प्यार से पेश आएं। यही सभ्यता है। सभ्यता छोटी चीजों में परिलक्षित होती है। और, यह दिखाना नहीं है।

कडवी बाते आपके साथ

बात कडवी है लेकिन है सच्‍ची  मै आज आपसे कुछ कडवी बाते बाटना चाहती हूंं। आप इन महत्‍वपूर्ण बातों का पालन करने से आप अपने जीवन को उच्‍च कोट...